आशा भोगती का व्रत,श्राद्ध में अष्टमी तिथि
आशा भोगती का व्रत –
आशा भोगती का व्रत श्राद्ध में अष्टमी तिथि से आरंभ होता है और आठ दिनों तक चलता है.
अष्टमी के दिन आठ कोने रसोईघर के पोते जाते हैं. आशा भोगती की कहानी सुनने के बाद इन आठ कोनों पर दूध, 8 रुपये, 8 रोली के छीटें, मेहंदी के आठ छींटे, काजल की आठ टिक्की, एक-एक सुहाली और एक दीपक जलाएँ.
इस व्रत के आखिरी दिन एक-एक फल, एक सुहाग पिटारी चढ़ाएँ. 8 दिन तक इसी तरह पूजा की जाती है और आखिरी दिन व्रत किया जाता है.
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