जीवित्पुत्रिका,“जीउतिया”,आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी
आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को जीवित पुत्रिका के रूप में मनाते है यह व्रत संतान की कुशलता के लिए किया जाता है। जीवित्पुत्रिका व्रत यानि जीवित पुत्र के लिए रखा जाने वाला व्रत. यह व्रत वह सभी सौभाग्यवती स्त्रियां रखती हैं जिनको पुत्र होते हैं. और साथ ही जिनके पुत्र नहीं होते वह भी पुत्र कामना और बेटीकी लंबी आयु के लिए यह व्रत रखती हैं.

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