हरि शरणम् (कहानी)



क्षीरसागर में एक त्रिकूट नामक एक प्रसिद्ध एवं श्रेष्ठ पर्वत था। उसकी ऊँचाई आसमान छूती थी। उसकी लम्बाई-चौड़ाई भी चारों ओर काफी विस्तृत थी। उसके तीन शिखर थे। पहला सोने का। दूसरा चाँदी का तीसरा लोहे का। इनकी चमक से समुद्र, आकाश और दिशाएँ जगमगाती रहती थीं। इनके अलावा उसकी और कई छोटी चोटियाँ थीं जो रत्नों और कीमती धातुओं से बनी हुई थीं।
Read more »

Comments

Popular posts from this blog

मंगलागौरी स्तोत्रं

भगवान शिव के 108 नाम

नृसिंह जयंती,नृसिंह अवतार