उमा महेश्वर व्रत,भाद्रपद मास की पूर्णिमा,शक्र व्रत
भाद्रपद मास की पूर्णिमा को उमामहेश्र्वर नामक व्रत रखा जाता है। इस दिन भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा की जाती है। इसे श्रेष्ठ व्रतों में से एक माना जाता है। इसी दिन शक्र नामक व्रत भी किया जाता है.स्नानादि से निवृत होकर भगवान शंकर की प्रतिमा को स्नान कराया जाता है और बिल्वपत्र व फूल आदि से पूजा-अर्चना की जाती है. रात्रि समय में मंदिर में जागरण किया जाता है. पूजा अर्चना के बाद ब्राह्मणों को भोजन कराकर उन्हें दान-दक्षिणा देकर व्रत का समापन किया जाता है.

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