माँ का प्रथम स्वरुप माँ शैलपुत्री
शक्ति की उपासना का पर्व शारदीय नवरात्र प्रतिपदा से नवमी तक निश्चित नौ तिथि, नौ नक्षत्र, नौ शक्तियों की नवरात्र भक्ति के साथ सनातन काल से मनाया जा रहा है। सर्वप्रथम श्रीरामचंद्रजी ने इस शारदीय नवरात्रि पूजा का प्रारंभ समुद्र तटपर किया था और उसके बाद दसवें दिन लंका विजय के लिए प्रस्थान किया और विजय
प्राप्त की। तब से असत्य, अधर्म पर सत्य, धर्म की जीत का पर्व दशहरा मनाया जाने लगा।आदिशक्ति के हर रूप की नवरात्र के नौदिनों में क्रमशः अलग-अलग पूजा की जातीहै।

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