शनि अमावस्या

जब शनिवार के दिन अमावस्या का समय हो तो इसे शनि अमावस्या कहा जाता है. है जो शनिदेव की कृपा पाने के लिए विशेष लाभकारी है.
यह योग यदि शनिवार के दिन हो तो इससे उस दिन का, तिथि और नक्षत्र का प्रभाव कई गुना अधिक बढ़ जाता हैइस दिन मनुष्य को सरसों का तेल, उड़द, काला तिल, देसी चना, कुलथी गुड शनियंत्र, और शनि संबंधी समस्त पूजन सामग्री अपने ऊपर वार कर शनिदेव के चरणों में चढ़ाकर शनिदेव का तैलाभिषेक करना चाहिए.भगवान सूर्यदेव के पुत्र शनिदेव को खुश करने के लिए शनिचरी अमावस्या पर तिल, जौ और तेल का दान करना चाहिए, ऐसा करने पर मनोवांछित फल मिलता है।
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