श्री मन नारायण नारायण नारायण (गज और ग्राह कथा ) part 1


श्री मन नारायण नारायण नारायण
ॐ नारायण नारायण नारायण
श्री लक्ष्मी नारायण नारायण नारायण

क्षीरसागर में एक त्रिकूट नामक एक प्रसिद्ध एवं श्रेष्ठ पर्वत था। उसकी ऊँचाई आसमान छूती थी। उसकी लम्बाई-चौड़ाई भी चारों ओर काफी विस्तृत थी। उसके तीन शिखर थे। पहला सोने का। दूसरा चाँदी का तीसरा लोहे का। इनकी चमक से समुद्र, आकाश और दिशाएँ जगमगाती रहती थीं। इनके अलावा उसकी और कई छोटी चोटियाँ थीं जो रत्नों और कीमती धातुओं से बनी हुई थीं। सब ओर से समुद्र की लहरें आकर इस पर्वत के निचले भाग से टकरातीं जिससे प्रतीत होता कि समुद्र इनके पाँव पखार रहा था।
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